कार्यक्षेत्र

कार्य के क्षेत्र


चैंबर का कार्य आपराधिक विधि है। नीचे प्रत्येक प्रकार के मामले की सामान्य जानकारी है — यह किसी विशेष मामले पर विधिक परामर्श नहीं है।

01

ज़मानत एवं अग्रिम ज़मानत

Bail & Anticipatory Bail

ज़मानत नियम है और जेल अपवाद — किंतु ज़मानत मिलना आवेदन की रूपरेखा, अन्वेषण के चरण और न्यायालय के समक्ष रखे गए अभिलेख पर निर्भर करता है।

चैंबर मजिस्ट्रेट, सत्र न्यायालय और उच्च न्यायालय के समक्ष नियमित एवं अग्रिम ज़मानत आवेदनों में उपस्थित होता है, तथा ज़मानत की शर्तों के पालन पर परामर्श देता है।

02

आपराधिक मुक़दमे

Criminal Trials

आपराधिक मुक़दमा अपने विवरणों में जीता या हारा जाता है: आरोप, गवाह, प्रतिपरीक्षा, और दिन-प्रतिदिन बनने वाला अभिलेख।

चैंबर विचारण के हर चरण में बचाव करता है — आरोप की विरचना, साक्ष्य, धारा 351 बीएनएसएस के अधीन कथन, और अंतिम बहस।

03

आपराधिक अपील एवं पुनरीक्षण

Criminal Appeals & Revisions

दोषसिद्धि का आदेश, या अन्याय करने वाला अंतर्वर्ती आदेश, रास्ते का अंत नहीं है।

चैंबर आपराधिक अपील, पुनरीक्षण और अभिखंडन (क्वैशिंग) याचिकाओं का प्रारूपण एवं पक्ष-समर्थन करता है, विचारण अभिलेख पर सूक्ष्म ध्यान के साथ।

04

चेक बाउंस (एनआई अधिनियम धारा 138)

Cheque Dishonour (NI Act s.138)

परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 की कार्यवाहियाँ कठोर समय-सीमाओं पर चलती हैं — वैधानिक नोटिस, परिवाद और बचाव, प्रत्येक के लिए।

चैंबर चेक अनादर के मामलों में परिवादी और अभियुक्त दोनों की ओर से कार्य करता है, जिसमें उपयुक्त स्थितियों में शमन एवं समझौता सम्मिलित है।

05

वैवाहिक एवं घरेलू अपराध बचाव

Matrimonial & Domestic Offence Defence

वैवाहिक विवादों से उत्पन्न अपराधों में संतुलित दृष्टिकोण चाहिए — विधि पर दृढ़, और फ़ाइल के पीछे की पारिवारिक परिस्थितियों के प्रति सजग।

चैंबर वैवाहिक क्रूरता संबंधी प्रावधानों एवं घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम के अधीन कार्यवाहियों में उपस्थित होता है।

06

साइबर एवं आर्थिक अपराध

Cyber & Economic Offences

आईटी अधिनियम एवं आर्थिक अपराध प्रावधानों के अधीन अन्वेषण अब प्रायः गवाहों से नहीं, डिवाइस और बैंक अभिलेखों से आरंभ होते हैं।

चैंबर अन्वेषण के चरण से ही परामर्श देता है — नोटिस, कथन और अग्रिम राहत — विचारण तक।